डॉ. विकास दिव्यकीर्ति न केवल एक शिक्षक हैं, बल्कि करोड़ों युवाओं के मार्गदर्शक और विचारक हैं। एक आईएएस अधिकारी से शिक्षा-क्रांति के नायक बने दिव्यकीर्ति ने सिर्फ कोचिंग संस्थान ही नहीं, बल्कि हिंदी भाषा का गौरव भी स्थापित किया। उनकी कक्षाएं तथा हास्य, दर्शन और सच्चाई का मिश्रण होती हैं, जिससे वे करोड़ों हिंदी भाषियों के प्रेरणास्रोत बन गए हैं। उनकी अनुशंसित पुस्तकें भी उन्हीं की तरह अनोखी हैं — जो न सिर्फ परीक्षा के लिये में सहायक होंगी, बल्कि आपको एक जिम्मेदार नागरिक और संवेदनशील इंसान भी बनाएँगी। आइए, जानते हैं उन पुस्तकों के बारे में जो विकास सर के शब्दों में, ‘दिमाग को तेज और दिल को विशाल’ बनाती हैं!”
यदि आप हिंदी भाषा में आईएएस, यूपीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि आप उन्हें पहले से ही जानते हों। शायद हममें से ज्यादातर लोगों ने सोशल मीडिया पर उनके वीडियो रील्स देखे होंगे। दिव्यकीर्ति को उनकी सरल शिक्षण शैली, हिंदी साहित्य के प्रति गहरी समझ और छात्रों को प्रेरित करने की क्षमता के लिए जाना जाता है। उनके YouTube/Facebook वीडियो, जिनमें वह टिप्स और प्रेरणादायक सलाह देते हैं, लाखों बार देखे जा चुके हैं। सामान्यतया उनका जोर अवधारणात्मक स्पष्टता, व्यक्तित्व विकास, नैतिक मूल्यों पर होने के साथ-साथ अंधविश्वास और रूढ़िवादिता को खारिज़ करने पर भी होता है, जिसके कारण वह सिविल सेवा के इच्छुक छात्रों और शिक्षकों के लिए एक आदर्श बन गए हैं।
डॉ. विकास दिव्यकीर्ति एक प्रसिद्ध शिक्षाविद, प्रेरक वक्ता और दृष्टि IAS के संस्थापक हैं, जो भारत में सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) की तैयारी के लिए एक प्रमुख संस्थान है। शिक्षा के प्रति गहरे लगाव के कारण उन्होंने पहले प्रयास में ही UPSC परीक्षा पास की, लेकिन उन्होंने गृह मंत्रालय में अपनी नौकरी छोड़कर शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाने का निर्णय लिया। 1999 में, उन्होंने दृष्टि IAS की स्थापना की, जो आज हजारों UPSC उम्मीदवारों के लिए एक विश्वसनीय मंच बन चुका है।
विकास दिव्यकीर्ति द्वारा अनुशंसित पुस्तकें । Hindi Book Recommended by Vikas Divyakirti

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि, विकास दिव्यकीर्ति द्वारा अनुशंसित पुस्तकें मूल रूप से अंग्रेजी या अन्य विदेशी भाषाओं में लिखी गई हैं। एक या अधिक पुस्तकें मूलतः हिन्दी में लिखी गई हैं।
विकास दिव्यकीर्ति की सुझाई किताबें सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि सोचने और समझने के लिए हैं। आइए जानें इनके बारे में:

#1. सोफी का संसार – पश्चत्य जगत की दर्शन-गाथा (सोफीज़ वर्ल्ड) – द्वारा जोस्टेन गॉर्डर
– मूल पुस्तक – Sophie’s World by Jostein Gaarder
विधा: दार्शनिक उपन्यास | विषय: “एक जिज्ञासु किशोरी, सोफ़ी के साथ दर्शनशास्त्र की दुनिया की यात्रा।”
विकास दिव्यकीर्ति का कहना है कि इस पुस्तक में पत्र लेखन शैली और उसकी विषयवस्तु द्वारा संपूर्ण दर्शन का वर्णन किया गया है।
“सोफीज़ वर्ल्ड” जोस्टेन गॉर्डर द्वारा लिखित एक रोचक उपन्यास है, जो एक किशोरी की कहानी को पश्चिमी दर्शनशास्त्र के बडे ही आसान परिचय के साथ जोड़ता है। यह कहानी सोफी एमुंडसेन नाम की एक लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे जिसे दार्शनिक सवालों से भरे रहस्यमय पत्र मिलने लगते हैं। जैसे-जैसे वह इन रहस्यों को समझती है तथा सुलझाती है, वैसे-वैसे वह सुकरात से लेकर सार्त्र तक के दर्शनशास्त्र के इतिहास की यात्रा पर निकल पड़ती है। यह पुस्तक, इस कहानी और इसके द्वारा दी गयी शिक्षा को खूबसूरती से मिलाकर गहरी दार्शनिक अवधारणाओं को बडे ही सरल और रोचक तरीके से प्रस्तुत करती है, जिससे हर उम्र के पाठकों के लिए यह आनंददायक बन जाती है, विशेषकर छात्रो के लिये।

#2. गोदान : मुंशी प्रेमचंद
विधा: हिंदी साहित्यिक क्लासिक | विषय: “ग्रामीण भारत में एक किसान का कर्ज़ और जातिगत शोषण से संघर्ष।”
होरी नामक गरीब किसान की कहानी, जो एक गाय खरीदने के सपने के लिए कर्ज़ और जातिगत भेदभाव से जूझता है। ग्रामीण भारत की मार्मिक तस्वीर जो सामाजिक असमानता को उजागर करती है। प्रेमचंद की यह रचना कृषि जीवन की कठिनाइयों और सामाजिक असमानता को उजागर करती है।

#3. सेपियंस: मानव जाति का संक्षिप्त इतिहास
– मूल पुस्तक – Sophie’s World by Jostein Gaarder
विधा: अनकाल्पनिक | विषय: “इंसान कैसे शिकारी से धरती के शासक बने।”
इंसानों ने कैसे एक साधारण प्रजाति से पृथ्वी के शासक बनने तक का सफर तय किया?
यह किताब इतिहास के प्रति आपकी समझ को एक नए नजरिए से देखने पर मजबूर कर देगी। “सैपियन्स” मानवता के विकास की एक रोमांचक कहानी है, जिसमें हरारी ने बताया है कि कैसे एक साधारण प्राणी, होमो सैपियन्स, ने पृथ्वी पर अपना प्रभुत्व कायम किया। कृषि क्रांति से लेकर तकनीकी युग तक का सफर न केवल मानवता की प्रगति का बल्कि हमारी जटिलताओं का भी दर्पण है।
विज्ञान, इतिहास और दर्शन का मिश्रण, जो आज के समाज को समझने में मदद करता है।

#4. सत्य के साथ मेरे प्रयोग My Experiments With Truth
विधा: आत्मकथा | विषय: “गांधी जी की असफलताओं, सिद्धांतों और सत्य की खोज की कहानी।”
गांधी जी की आत्मकथा, जहाँ वे अपनी गलतियों, सिद्धांतों और सत्य की खोज को बेबाकी से बताते हैं। अहिंसा और ईमानदारी के मूल्यों पर एक प्रेरक दस्तावेज़।

#5. मानव जाति का इतिहास (फ्रेडरिक रैटजेल)
विधा: ऐतिहासिक मानवशास्त्र | विषय: “भूगोल और पर्यावरण ने सभ्यताओं को कैसे आकार दिया।”
विकास दिव्यकीर्ति की अनुशंसित पुस्तकें (अंग्रेजी में उपलब्ध हैं):
गोदान को छोड़कर विकास दिव्यकीर्ति ने मूलतः अंग्रेजी संस्करण पुस्तकों की ही अनुशंसा की है, जो निम्नलिखित हैं:
निष्कर्ष
डॉ. दिव्यकीर्ति की पुस्तक सिफारिशें उनके इस विश्वास को दर्शाती हैं कि साहित्य मन को परिवर्तित करने और दृष्टिकोण को व्यापक बनाने की शक्ति रखता है। ये पुस्तकें केवल शैक्षणिक संसाधन नहीं हैं, बल्कि आत्म-खोज, सहानुभूति और आलोचनात्मक सोच के लिए उपकरण हैं। ये उनकी शिक्षण दर्शन के अनुरूप हैं, जो न केवल ज्ञानवान बल्कि सामाजिक रूप से जागरूक और नैतिक रूप से मजबूत व्यक्तियों का निर्माण करता है।

